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#नोटबंदी के 2 साल और बुरे हुए हालात #बेरोजगारी के आंकड़ों ने तोड़ा रिकॉर्ड नई नौकरियां भी गायब लुधियाना (ब्यूरो) नोटेबन्दी के बाद 2 सालों में जहां देश में नौकरियों में भारी कमी आई है, वहीं नौकरी तलाश रहे बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है प्रेस वार्ता करते होये इंटुक कांग्रेस के सीनियर नेता डॉ प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि अक्टूबर 2018 में लगभग 3 करोड़ बेरोजगार लोग नौकरी की तलाश में थे, जबकि 2017 के अक्टूबर में ऐसे लोगों की संख्या सवा 2.16 करोड़ रही थी। नोटबंदी के बाद 2016 में लागू इस फैसले का असर देश की अर्थव्यवस्था पर कितना गहरा पड़ा है, इसका अंदाजा देश में पिछले 2 सालों के दौरान लगातार बढ़ रही बेरोजगारी और नौकरी के कम होते अवसरों से पता चलता है। पिछले दो साल में देश में रोजगार का संकट और गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। देश में आर्थिक मामलों की प्रमुख थिंक टैंक सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी (सीएमआईई) की ताजा रिपोर्ट इस बात की गवाही देती है। सीएमआईई के मुताबिक इस साल अक्टूबर में देश में बेरोजगारी की दर 6.9 फीसदी पर पहुंच गई है, जो पिछले दो सालों में सबसे ज्यादा है। देश में बेरोजगारी का दर 2017 के जुलाई से लगातार बढ़ रहा है। और रोजगार को लेकर सिर्फ यही एक बुरी खबर नहीं है। देश में नौकरियों को लेकर इन दो सालों में हालात और बदतर हो चले हैं, क्योंकि रिपोर्ट के अनुसार इन दो सालों में देश में श्रमिक भागीदारी घटकर 42.4 फीसदी पर पहुंच गयी है। श्रमिक भागीदारी का आंकड़ा नोटबंदी के बाद बहुत तेजी से गिरा है। इसके साथ ही देश में नई नौकरी पाने वालों का भी आंकड़ा गिरा है। सीएमआईई के मुताबिक 2018 के अक्टूबर में कुल 39.5 करोड़ लोगों के पास रोजगार था। यह रोजगार प्राप्त वयस्क आबादी की सबसे कम संख्या है। यह आंकड़ा पिछले साल यानी अक्टूबर 2017 के आंकड़े से 2.4 फीसदी कम है। अक्टूबर 2017 में यह आंकड़ा 40.7 करोड़ था। यह आंकड़ा साल दर साल रोजगार में स्पष्ट गिरावट को दिखाता है। अक्टूबर महीने में रोजगार दर में यह तेज गिरावट संभवतः श्रम बाजार की सबसे चिंताजनक स्थिति है। रिपोर्ट के मुताबिक एक साल में आई यह कमी लेबर मार्केट में मांग में आई गिरावट की वजह से है। एक तरफ जहां देश में रोजगार के अवसरों में भारी कमी आई है, वहीं दूसरी ओर नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ी है। अक्टूबर 2018 में लगभग 3 करोड़ बेरोजगार लोग सक्रिय रूप से नौकरी की तलाश कर रहे थे, जबकि अक्टूबर 2017 में ऐसे लोगों की संख्या 2 करोड़ 16 लाख के करीब थी। पिछले साल जुलाई में ऐसे बेरोजगारों की संख्या 1.4 करोड़ थी, एक साल और कुछ महीने में ही बढ़कर दोगुने से ज्यादा हो गई। ये आंकड़े नोटबंदी के बाद काम बंद होने, रोजगार छिनने की वजह से निराश होकर श्रम बाजार छोड़कर गए श्रमिकों के फिर से बाजार में वापस लौटने की तरफ इशारा करता है। लेकिन इसमें एक चिंता की बात ये भी है कि अगर नोटबंदी के बाद श्रम बाजार छोड़कर गए सभी श्रमिक बाजार में वापस लौट आते हैं, तो बेरोजगारी का ये आंकड़ा और ऊपर जा सकता है।इस समय उनके साथ डॉ वज़ीर सिंह जस्सल जिला चेयरमैन पब्लिक को-ऑर्डिनेटर सेल, अर के घई, मंजीत सिंह संतोष सिंह, राहुल कुमार, बिटू कुमार , ओमकार सिंह उपस्थित थे. For more info visit us at http://www.drpardeepaggarwal.com/-2-/b33?utm_source=facebookpage
कर्नाटका में सरकार गठन की परंपरा को निभाएं राज्यपालः डॉ अग्रवाल लुधियाना(17 मई दलजीत सिंह विक्की)कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा के हालात बनने के बीच कांग्रेस जेडीएस अपना सरकार बनाने का दावा पेश कर रही है लेकिन भाजपा षड्यंत्रकारी तरीके से सरकार बनाने के प्रयास कर रही हैऔर देश की जनता की आवाज लोकतंत्र की हत्या कर रही है इंटुक प्रवक्ता डॉ प्रदीप अग्रवाल ने कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गठन के बारे में गोवा, मेघालय और मणिपुर राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी नहीं होने के बावजूद वहां भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनी। कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के पास गठबंधन सरकार के लिए पूर्ण बहुमत है दोनों के पास स्पष्ट 116 विधायको का बहुमत है। डॉ प्रदीपअग्रवाल इंटुक प्रवकता ने कहा कि अकेली बड़ी पार्टी या चुनाव से पूर्व गठबंधन वाली पार्टी को सरकार गठन के लिए बुलाने की परंपरा रही है। इसी परंपरा को निभाते हुए राष्ट्रपति के आर नारायणन ने 12 मार्च, 1998 को अटल बिहारी वाजपेयी को सरकार गठन और गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने के लिए आमंत्रित करके एक निष्पक्ष और संवैधानिक परंपरा कायम की थी लेकिन पिछले तीन राज्य सरकारों के गठन के समय इस परंपरा को तोड़ दिया गया तथा कांग्रेस को अकेली बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार गठन के लिए राज्यपाल ने नहीं बुलाया। इंटुक कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मार्च 2017 में गोवा में 40 की विधानसभा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। यहां कांग्रेस के पास 17 और भाजपा के पास केवल 12 विधायक थे। राज्यपाल ने यहां पर मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया था। इसी तरह मार्च 2017 में 60 सीट वाली मणिपुर विधानसभा में कांग्रेस के पास 28 विधायक थे और भाजपा के पास 21 विधायक थे। बावजूद इसके कांग्रेस को मौका नहीं दिया गया। मार्च 2018 में हुए मेघायल चुनाव में कांग्रेस के पास 21 विधायक थे जबकि भाजपा के पास महज दो एमएलए थे। इसके बावजूद भाजपा ने एनपीईपी, यूडीपी, पीडीएफ और अन्य के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
*मनमोहन सिंह’ से पूछताछ हो सकती है, तो राफ़ेल और PNB घोटाले में ‘मोदी’ से क्यों नही : डॉ अग्रवाल* लुधियाना (25 जुलाई) मोदी सरकार पर राफ़ेल डील में घोटाला करने का आरोप लगा रहै है संसद में भी राहुल जी ने पूछा मोदी जी ने कोई जवाब नही दिया। इंटुक कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ प्रदीप अग्रवाल ने कहा है कि यूपीए सरकार में 12 दिसंबर, 2012 को 126 राफेल राफेल विमानों को 10.2 अरब अमेरिकी डॉलर तब के 54 हज़ार करोड़ रुपये में खरीदने का फैसला लिया गया था। इस डील में एक विमान की कीमत 540 करोड़ थी। इनमें से 18 विमान तैयार स्थिति में मिलने थे और 108 को भारत की सरकारी कंपनी, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड(एचएएल), फ्रांस की कंपनी के साथ मिलकर बनाती। 2015 में मोदी सरकार ने इस डील को रद्द कर इसी जहाज़ को खरीदने के लिए नई डील की। नई डील में एक विमान की कीमत लगभग 1640 करोड़ होगी और केवल 36 विमान ही खरीदें जाएंगें। नई डील में अब जहाज़ एचएएल की जगह उद्योगपति अनिल अम्बानी की कंपनी बनाएगी। साथ ही टेक्नोलॉजी ट्रान्सफर भी नहीं होगा जबकि पिछली डील में टेक्नोलॉजी भी ट्रान्सफर की जा रही थी। डील को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है देश की जनता मोदी जी से जवाब चाहती है। कांग्रेस प्रवक्तता ने कहा है कि यदि कोयला घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछताछ हुई थी तो राफ़ेल डील, नोटबंदी और पीएनबी घोटाले में पीएम मोदी से पूछताछ क्यों नही हो सकती क्या मोदी देश संविधान और कानून से भी ऊपर हैं.
*मीठा छोडे एक महीने के लिए देखिए फर्क आप खुद महसूस करने लगेंगे ये आयेंगे आपके शरीर मे बदलाव* May 19, 2018 आयुर्वेदा नेचुरोपैथी एक्सपर्ट डॉ प्रदीप अग्रवाल ने आज लोगो को संदेश देते होये कहा कि आप लोग *चीनी मीठे का सेवन* आपने दिनचर्या में बंद कर दे एक महीने के लिए देखेगे अपने आप में खुद महसूस करने लगेंगे और आयेंगे आपके शरीर मे बदलाव मीठा मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और आपके शरीर को ऊर्जा मिलती है। मीठा खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है, यह जानते हुए भी कि आजकल के दौर में हम शारीरिक तौर पर ज्यादा मेहनत नहीं करते फिर भी मीठा तो बहुत से लोगों की वीकनेस है। वैसे इस श्रेणी में मैं भी शामिल हूं। *खाने के बाद मीठा तो जरूर चाहिए* मौसम अच्छा हो तो मीठा चाहिए, गर्मी ज्यादा हो तो मिल्कशेक चाहिए, ठंड हो तो जलेबी या गर्मागर्म हलवा चाहिए। बाकी बिना किसी अवसर के भी कभी-कभी मीठा खाया जाए तो कोई क्या प्रॉब्लम है। *बिना मीठे के भोजन लेकिन क्या कभी आपने ये सोचा है* अगर खाने से मीठे की मात्रा हटा ली जाए, आपके भोजन से चीनी को पूरी तरह गायब कर दिया जाए तो शरीर पर किस तरह के प्रभाव देखने को मिलते हैं? नहीं सोचा तो चलिएआज मै आपको बता देता हु कि अगर आप आने वाले एक महीने तक चीनी को अलविदा कह देते हैं इससे आपको शारीरिक या मानसिक रूप से क्या अंतर देखने को मिलता है। *आपके दिल की सेहत बहुत अच्छी रहती है* आपका दिल शरीर का सबसे संवेदनशील भाग होता है। इस वजह से उसे कहीं ज्यादा आपकी केयर की जरूरत होती है। अगर आप अपनी दिनचर्या से चीनी को हटा देंगे तो यकीन मानिए इससे आपके दिल को बहुत आराम मिलेगा और साथ ही वह और जवान रहेगा। *आपकी त्वचा पर भी इसका स्पष्ट असर नजर आएगा* वह स्वस्थ और चमकदार तो बनेगी ही साथ ही साथ अगर आपाके चेहरे पर गड्ढे या खुस्ले छिद्र हैं तो वो भी गायब हो जाएंगे। आप जितनी चाहे क्रीम, लोशन या फिर अन्य दवाइयां उपयोग कर लीजिए, सबसे बेहतरीन असर आपको चीनी छोड़ने के बाद ही मिलेगा। *मीठा ज्यादा खा लेने की वजह से नींद भी सही से नहीं आती* आपने खुद ये नोटिस किया होगा कि जिस रात आप मीठा ज्यादा खा लेते हैं, उस रात नींद आने में परेशानी होती है। कई बार स्थिति इनसोमनिया तक पहुंच जाती है। इसलिए आपको मीठा कम से कम ही खाना चाहिए इससे आपकोआराम की नींद आएगी *वे लोग जो अपने भोजन में मीठे की मात्रा कम रखते हैं उनके चेहरे पर उम्र की परछाई बहुत देर से पड़ती है* ज्यादा चीनी खाने से चेहरे की त्वचा में सूजन आने लगती है, आपका चेहरा झुर्रियों से मुक्त तभी रहेगा जब आप मीठा खाने की आदत को कम कर देंगे। *मीठा छोड़ने से वजन तो कम होगा मोटापे से भी मुक्ति* ये सबसे बड़ा कारण है कि आपको आज ही मीठे खाद्य पदार्थों को से दूरी रखनी शुरू कर देनी चाहिए। *मीठा छोड़ने के बाद आपकी याद्दाश्त भी बढ़ती है* आपके बोलचाल का तरीका प्रभावी होता है और आप सामने वाले की बात बड़ी आसानी और स्पष्ट तरीके से समझ सकते हैं। *मीठे की मात्रा कम रखने से आप मधुमेह से भी बचते हैं* अगर कभी आपका मीठा खाने का मन करे तो आप मेवे खाकर अपनी क्रेविंग शांत कर सकते हैं। *आपकी आंते अच्छे तरीके से काम करने लगती हैं* जब आप अपने खाने से मीठा हटा लेते हैं तो खाना ना सिर्फ आसानी से पचता है बल्कि वह आपके पेट और आंतों को नुकसान भी नहीं पहुंचाता। *आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है* बस आपको एक बार अपने मस्तिष्क को इस बात के लिए राजी करना है कि अब से आप मीठा नहीं खाएंगे। खुद देखिएगा कि किस तरह आप संक्रमण और अन्य बीमारियों से खुद को बचा लेते हैं। *मीठा छोड़ने के बाद ना सिर्फ आपको मानसिक रूप से सुकून मिलेगा बल्कि आपके दांत और मसूड़े भी ज्यादा स्वस्थ रहेंगे* आपको एक बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि मीठा खाने के तुरंत बाद कभी ब्रश ना करें क्योंकि इस समय आपके मसूड़े बहुत ज्यादा सॉफ्ट होते हैं। उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। अगर आपको *जोड़ों के दर्द* की शिकायत रहती है तो एक बार आप चीनी छोड़कर देखिए। आपको फर्क अपने आप ही नजर आयेगा *इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे आपके मित्र रिस्तेदार के स्वास्थ्य के लिए खुश रहे मुस्कराते रहे😊* https://www.facebook.com/drpardeepaggarwal/
*शाहकोट सीट लाडी की भारी मतों से जीत होगी डॉ प्रदीप अग्रवाल* लुधियाना (27मई)शाहकोट विधानसभा के उपचुनाव में पंजाब मुख्यमंत्री के ओसीडी कैप्टन संदीप संधू लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू व लुधियाना के नोजवान व युवाओं दिलो की धड़कन विधायक संजय तलवार के नेतत्व में कांग्रेस उम्मीदवार लाडी शेरोवालिया प्रत्यशी का चुनाव प्रचार कर लुधिआना के सीनियर कांग्रेसी लीडर डॉ प्रदीप अग्रवाल ने दावा किया कि कांग्रेस के उमीदवार लाडी की भारी मतों से जीत होगी शाहकोट की मंडियों में काम कर रहे अनाज मंडी के आढ़तियों व्यापारियों व मजदूरों से बातचीत के दौरान पता चला कि लोगो का रूझान कांग्रेस की और है लोग कांग्रेस की नीतियों उसके किये कामो से बहुत ही खुश है डॉ अग्रवाल ने लाडी को वोट डालने की अप्पील की और दावा किया कि शाहकोट की जीत से अकाली दल और विरोधी पार्टीयो के उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त होगी कांग्रेस के पास 77 सीटें हैं। यह सीट कांग्रेस जीतकर विधानसभा में दो तिहाई बहुमत हासिल कर लेगी। ऐसे में कांग्रेस के लिए कई बिल और कानून में बदलाव करना आसान होगा। सीएम भी रैली में यही अपील कर चुके हैं कि ये सीट सिर्फ कांग्रेस के लिए ही नहीं सूबे की तरक्की के लिए भी जरूरी है। डॉ अग्रवाल ने कहा हम पूरी तरह से तैयार, हमारी सरकार ने पंजाब को बेहतर बनाने का काम किया है, इस चुनाव मे तो जीतेगे ही लेकिन 2019 मे भी मोदी की हवा नही चलने देगे अब मोदी के घर वापसी का वक्त आ गया है, कैप्टन साहब ने अपने सारे चुनावी वादे पूर्ण कर लिये है जो बाकी है उन्हें भी जल्द पूर्ण किया जाएगा.
*चंदे का खेल समझिए और तेल का खेल* ✍Dr Pardeep Aggarwal कांग्रेस को पूरे देश से कुल चंदा मिला लगभग 42 करोड़, और बीजेपी को मिला कुल 532 करोड़। यानि 10 गुना से ज्यादा। ये तो हुआ घोषित आंकड़ा (एबीपी न्यूज़) इसके अलावा अघोषित यानि छिपे चंदे अडानी, अंबानी जैसो के जो बीजेपी को दिए जाते हैं रैलियों, रोड शो, खर्च खराबे ठाठबाट से अंदाजे ही लगाऐं तो हो जाता है कांग्रेस के मुकाबले करीब 1हजार गुना ऐसा क्यों❓ मै तथ्यों पर लिख रहा हूं कोई कांग्रेसी प्रवक्ता बनकर नही..देश की सबसे पुरानी पार्टी से ये चंदा देने वाले इतने चिढ़े क्यों है। जबाब बहुत सीधा है, इन सेठों को जनता को लूटने के जो मौके बीजेपी दे रही है, वो कांग्रेस ने कभी नहीं दिए। एक उदाहरण दे रहा हूं गुजरात के जामनगर मे रिलायंस की तेल रिफाइनरी शुरू होने के बावजूद मनमोहन सरकार ने 10 साल तक रिलायंस के पेट्रोल पंप बंद रहे। रिलायंस के बंबई और बाकी जगहों के समुंदर से तेल निकालने के बावजूद। मनमोहन सिंह ने दो टूक मे अंबानी को जवाब दिया था कि, तुम्हारा स्वदेशी पेट्रोल है, सस्ते दामों पर देना होगा बाकी बाजार के मुकाबले क्योंकि वो बाहर से लाकर किराया-भाड़ा खर्च कर देते हैं। अंबानी ने पूरे 10 साल अपने पेट्रोल पंपो को बंद रखा और सारा तेल विदेशों को बेचा। रिलायंस के पेट्रोल पंप खुले 2014 मे, मोदी सरकार के आने के बाद और इससे कहीं ज्यादा गड़बडिय़ां अडानी ने की है। पतंजलि का तो सब जानते हैं, बाकी भी सब ऐसे ही हैं.. इसीलिए ये सब क्यों देंगे कांग्रेस को चंदा, अपनी आफत बुलाने❗ *जय हिंद जय भारत* *सहमत है* To follow the updates of senior congress leader ✍Dr Pardeep Aggarwal Page Like Share post link https://www.facebook.com/drpardeepaggarwal/
*11दिसंबर के बाद देश के लोग राहुल गांधी को अगले PM के रूप में देखना शुरू कर देगे डॉ अग्रवाल* लुधियाना (7 दिसम्बर) देश में चुनावी लहर चल रही है। कांग्रेस सीनियर लीडर अग्रवाल ने मीटिंग के दौरान कहा कि 11 दिसंबर को 5 राज्यों के नतीजे आने के बाद देश राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना शुरू कर देगा। बता दें 5 राज्यों में से छत्तीसगढ़ में 12 और 20 नवंबर को चुनाव हो चुके हैं। जबकि मध्यप्रदेश और मिजरोम में 28 नवंबर को जबकि आज राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर को चुनाव ।डॉ अग्रवाल ने कहा कि पीएम मोदी अपनी सरकार की विफलता छुपाने के लिए कांग्रेस पर हमला करते हैं। मोदी और अमित शाह, राहुल को इतनी गंभीरता से लेते हैं कि हर भाषण में उनका नाम लेते हैं। जिस दिन पीएम राहुल का नाम लेना छोड़ देंगे उस दिन कांग्रेस को चिंता होगी। सरकार को डर लग रहा है क्योंकि उसके पास अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिए कुछ नहीं है जाति के नाम पर लोगो को बांटा जा रहा है लोग भाजपा को समझ चुके है देश के लोग कांग्रेस को प्यार कर रहे है 11 दिसम्बर को पांच राज्यों के नतीजे आने के बाद देश के लोग राहुल जी को अपने अगले पीएम के रूप में देखना शुरु कर देगे आप लोग तारीख नोट कर लीजिए *जय हिंद जय भारत* To follow the updates of senior congress leader Dr Pardeep Aggarwal https://www.facebook.com/drpardeepaggarwal/
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